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Atar
Coles
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Atar in Ottawa, ON
Current price: $4.99


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प्रत्यक्षा की कहानियाँ अपने पूरे रचाव में जाड़े की गुनगुनी धूप-सी मालूम पड़ती हैं—जो जलन या चुभन पैदा नहीं करतीं, मगर त्वचा को ऊष्मा से भरती जाती हैं, इतने करीने से कि आप खुले से उठकर छाँव में जाना ही नहीं चाहते। उनकी गरमाई आपको देर तक, दूर तक महसूस होती है।
पात्रों की पृष्ठभूमि चाहे जो हो, परिवेश चाहे जैसा हो, वे अपनी हरेक कहानी में, धागा-दर-धागा इस कौशल से जोड़ती हैं कि अपनी परिणति तक पहुँचते-पहुँचते वह ऐसी कसीदाकारी बन जाती है, जिसके तमाम बेल-बूटे सजीव हो उठते हैं।
इन कहानियों में एक ख़ास तरह का धीमापन है, इसकी वजह ये है कि वे दृश्य के दायरे में आनेवाली छोटी-से-छोटी चीज़ को भी अनदेखा नहीं छोड़ देतीं। इसी तरह पात्रों के व्यवहार-व्यापार और मन:स्थितियों को भी शब्दों के जरिये प्रत्यक्ष करती चलती हैं। दृश्य और अदृश्य को सम्पूर्णता में उकेरने का यह धीरज जैसा प्रत्यक्षा के पास है, वैसा अन्यत्र कम ही मिलता है।
प्रत्यक्षा की कहानियाँ अपने पूरे रचाव में जाड़े की गुनगुनी धूप-सी मालूम पड़ती हैं—जो जलन या चुभन पैदा नहीं करतीं, मगर त्वचा को ऊष्मा से भरती जाती हैं, इतने करीने से कि आप खुले से उठकर छाँव में जाना ही नहीं चाहते। उनकी गरमाई आपको देर तक, दूर तक महसूस होती है।
पात्रों की पृष्ठभूमि चाहे जो हो, परिवेश चाहे जैसा हो, वे अपनी हरेक कहानी में, धागा-दर-धागा इस कौशल से जोड़ती हैं कि अपनी परिणति तक पहुँचते-पहुँचते वह ऐसी कसीदाकारी बन जाती है, जिसके तमाम बेल-बूटे सजीव हो उठते हैं।
इन कहानियों में एक ख़ास तरह का धीमापन है, इसकी वजह ये है कि वे दृश्य के दायरे में आनेवाली छोटी-से-छोटी चीज़ को भी अनदेखा नहीं छोड़ देतीं। इसी तरह पात्रों के व्यवहार-व्यापार और मन:स्थितियों को भी शब्दों के जरिये प्रत्यक्ष करती चलती हैं। दृश्य और अदृश्य को सम्पूर्णता में उकेरने का यह धीरज जैसा प्रत्यक्षा के पास है, वैसा अन्यत्र कम ही मिलता है।

















