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Premchand ki Vikhyat Kahaniya
Coles
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Premchand ki Vikhyat Kahaniya in Ottawa, ON
By None
Current price: $18.99


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Size: Paperback
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प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई, 1880 को वाराणसी के निकट लमही ग्राम में हुआ था। उनके पिता अजायब राय पोस्ट ऑफिस में क्लर्क थे। वे अजायब राय व आनन्दी देवी की चौथी संतान थे। पहली दो लड़कियाँ बचपन में ही चल बसी थीं। तीसरी लड़की के बाद वे चौथे स्थान पर थे। माता पिता ने उनका नाम धनपत राय रखा। सात साल की उम्र से उन्होंने एक मदरसे से अपनी पढ़ाई-लिखाई की शुरुआत की जहाँ उन्होंने एक मौलवी से उर्दू और फारसी सीखी। अपने शरुआती दौर में उन्होंने उर्दू में लिखना शुरू किया था तथा आगे चलकर हिंदी का प्रयोग किया। उन्होंने कुल बारह उपन्यासों की रचना की है जिसके अलावा एक अपूर्ण उपन्यास मंगलसूत्र भी है। लगभग 300 कहानियों के रचनाकार प्रेमचंद हिंदी के कथा सम्राट माने जाते हैं।
प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई, 1880 को वाराणसी के निकट लमही ग्राम में हुआ था। उनके पिता अजायब राय पोस्ट ऑफिस में क्लर्क थे। वे अजायब राय व आनन्दी देवी की चौथी संतान थे। पहली दो लड़कियाँ बचपन में ही चल बसी थीं। तीसरी लड़की के बाद वे चौथे स्थान पर थे। माता पिता ने उनका नाम धनपत राय रखा। सात साल की उम्र से उन्होंने एक मदरसे से अपनी पढ़ाई-लिखाई की शुरुआत की जहाँ उन्होंने एक मौलवी से उर्दू और फारसी सीखी। अपने शरुआती दौर में उन्होंने उर्दू में लिखना शुरू किया था तथा आगे चलकर हिंदी का प्रयोग किया। उन्होंने कुल बारह उपन्यासों की रचना की है जिसके अलावा एक अपूर्ण उपन्यास मंगलसूत्र भी है। लगभग 300 कहानियों के रचनाकार प्रेमचंद हिंदी के कथा सम्राट माने जाते हैं।

















